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फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ है जो बचà¥à¤šà¥‡, पà¥à¤°à¥à¤·, महिला, बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— और यà¥à¤µà¤¾ किसी को à¤à¥€ हो सकती है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ के दौरान लोग आपको बड़ी ही हीन à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से देखने लगते हैं। हालांकि फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ बेहद साधारण सी समसà¥à¤¯à¤¾ है। आपको बता दें कि फंगी à¤à¤• सूकà¥à¤·à¥à¤® जीवाणॠहै जो आपके शरीर के ना केवल बाहरी ओर बलà¥à¤•ि à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ ओर à¤à¥€ हो सकता है।
फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ आपको किसी सतह, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿, जीव, मिटà¥à¤Ÿà¥€ आदि के संपरà¥à¤• में आने से à¤à¥€ हो सकता है। हालांकि अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि बहà¥à¤¤ से फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का उपचार संà¤à¤µ है और बेहद आसानी से यह ठीक हो सकते हैं। आइठजानते हैं कà¥à¤› फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ और इसके उपचार के बारे में।
​जॉक इच (खà¥à¤œà¤²à¥€)
​जॉक इच (खà¥à¤œà¤²à¥€)
जॉक इच या खà¥à¤œà¤²à¥€ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ है जो डरà¥à¤®à¤¾à¤«à¤†à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की वजह से होती है। इसकी वजह से सà¥à¤•िन के चारो तरफ की सà¥à¤•िन पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होने लगती है। यह आमतौर पर कूलà¥à¤¹à¥‡, जांघ पर होता है। जॉक इच के आम लकà¥à¤·à¤£ खà¥à¤œà¤²à¥€, लालिमा, और सà¥à¤•िन पर चकतà¥à¤¤à¥‡ होना शामिल है। इस तरह के फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के उपचार के लिठà¤à¤‚टी फंगल कà¥à¤°à¥€à¤®, पाउडर या सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। अगर इससे ठीक ना हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको इसके लिठकà¥à¤› दवाà¤à¤‚ à¤à¥€ दे सकते हैं।
​फंगल नेल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨
​फंगल नेल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨
फंगल नेल इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ आमतौर पर पैर के अंगूठे के नाखून पर होता है। इसकी वजह से नाखून बहà¥à¤¤ मोटा और आसानी से टूटने वाली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आ जाता है। यह थोड़ा गंà¤à¥€à¤° जरूर है लेकिन इसमें किसी तरह का दरà¥à¤¦ नहीं होता।
सीडीसी के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• इस तरह के फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का उपचार थोड़ा कठिन होता है और यह à¤à¤‚टी फंगल टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के जरिठही ठीक होता है। इसके लिठसबसे सही उपचार à¤à¤‚टी फंगल दवाà¤à¤‚ ही हैं, जो आपको खानी होती हैं।
​यीसà¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨
​यीसà¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨
यीसà¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कहीं पर à¤à¥€ हो सकती है। आपको बता दें कि यह आपको यीसà¥à¤Ÿ नामक फंगस के कारण ही होती है। जिसे कैंडीडा à¤à¥€ कहा जाता है। यह मà¥à¤‚ह, गले, आंत, योनि पर à¤à¥€ हो सकती है।
मà¥à¤‚ह के अंदर होने वाला यीसà¥à¤Ÿ किसी छाले की तरह ही दिखाई देता है और इसे ऑरोफरीनà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤² कैंडिडिआसिस कहा जाता है। वहीं महिलाओं की योनि में à¤à¥€ यह फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो सकता है, लेकिन इसका उपचार किया जा सकता है।
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​दाद
​दाद
दाद की समसà¥à¤¯à¤¾ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आम है। यह वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के गले ,सिर और शरीर के à¤à¤¸à¥‡ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है जहां तà¥à¤µà¤šà¤¾ थोड़ी नम रहती है। यह जहां पर à¤à¥€ होता है वहां बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खà¥à¤œà¤²à¥€ रहती है। जब यह सिर पर होता है तो इसकी वजह से गंजेपन की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ होने लगती है।
हालांकि बाजार में मौजूद कई कà¥à¤°à¥€à¤®, दवाà¤à¤‚ और पाउडर इस तरह के फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का उपचार करने में सकà¥à¤·à¤® है। लेकिन अगर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ इनके जरिठकाबू में ना आठतो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤ वरना यह à¤à¤¯à¤‚कर रूप à¤à¥€ ले सकते हैं।
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​à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ फà¥à¤Ÿ
​à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ फà¥à¤Ÿ
à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ फà¥à¤Ÿ à¤à¤• फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ है जो डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤«à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ के कारण होने वाले फंगल संकà¥à¤°à¤®à¤£ का à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार है। यह कवक का à¤à¤• समूह है जो गरà¥à¤® वातावरण में पनपता है। यह आपके पैर, हाथों और नाखूनों की सà¥à¤•िन पर हो सकता है।
इस तरह का फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में बहà¥à¤¤ तेजी से फैलता है। लेकिन इसका उपचार संà¤à¤µ है। इसके लिठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤° की राय पर à¤à¤‚टीफंगल दवाओं का सेवन कर सकते हैं और यह जलà¥à¤¦à¥€ ही ठीक à¤à¥€ हो जाता है।
​सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ोसिस (Sporotrichosis)
सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ोसिस नामक संकà¥à¤°à¤®à¤£ सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¥à¥à¤°à¥€à¤•स नामक कवक की वजह से होता है। यह मिटà¥à¤Ÿà¥€, पौधे पर होता है और उसी के जरिठफैलता है। आमतौर पर यह कà¥à¤› अलग - अलग तरह से लोगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है जो कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं।
कà¥à¤¯à¥‚टेनियस (सà¥à¤•िन) - यह तब होता है जब फंगस छोटे - छोटे टà¥à¤•ड़ों से और दरारों के जरिठसà¥à¤•िन में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाते हैं। यह हलà¥à¤•े दरà¥à¤¦ से शà¥à¤°à¥‚ होता है और इसे पनपने में लगà¤à¤— 1 से 12 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का समय लग सकता है।
फेफड़ों में - यह फेफड़ों में होता है और इसके होने पर आपको छाती में दरà¥à¤¦, सांस फूलना और खांसी जैसे लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं।
डिसेमिनेटेड सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ोसिस - यह शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में हो सकता है और इसके लकà¥à¤·à¤£ इस बात पर निरà¥à¤à¤° करते हैं कि यह कहां पर हà¥à¤† है।
यह सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ोसिस नामक यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ जानलेवा नहीं होता। इसका उपचार थोड़ा लंबा जरूर चलता है। लेकिन यह कà¥à¤› महीनों की दवाओं के जरिठपूरी तरह ठीक हो जाता है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ दवाओं की जानकारी के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
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